नेशनल डेस्क. दुनिया के सबसे बड़े वैक्युम क्लीनर ने अपना काम शुरू कर दिया है. यह सिर्फ आकार में बड़ा नहीं है, बल्कि अपनी कुछ खासियतों के लिए भी चर्चा का विषय बन गया है. यह हवा से कार्बन को खींचता है और उसे जमीन के अंदर स्टोर कर पत्थर में तब्दील कर देता है.
आपको भले ही आश्चर्य हो रहा हो पर यह आइसलैंड में काम भी शुरू कर चुका है. आपको बता दें कि इसे स्वीस फर्म क्लाइमवकर्स नाम की कंपनी ने बनाया है और वही इसका संचालन कर रहा है. यह डायरेक्ट एयर कैप्चर तकनीक पर काम कर रहा है. इसका नाम मैमथ रखा गया है.
हालांकि ये वैक्युम क्लीनर तो नहीं है, बल्कि उसी की तर्ज पर काम कर रहा है, लेकिन इसकी अनूठी खासियत इसे सामान्य वैक्युम क्लीनर से अलग करती है. दरअसल, ये हवा से प्रदूषण के रूप में मौजूद कार्बन को अपने अंदर खींच लेता है. इसके बाद वह उसे सीधे जमीन के अंदर पहुंचा देता है, जो बाद में पत्थर के रूप में तब्दील हो जाता है.
ये है क्षमता
संचालन करने वाली कंपनी का दावा है कि यह मशीन सालाना 36,000 टन कार्बन निकालने में सक्षम है. इसमें कुल 12 कंटेनर लगाए गए हैं, जो कार्बन को स्टोर करते हैं. बाद में इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी. एक बार में काम करने के बाद कार्बन को स्टोर कर दिया जाएगा.
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