नेशनल डेस्क. जब दुनिया नए साल के स्वागत में चमचमाती लाइट्स, आतिशबाजी और पार्टियों की तैयारी में लगी होती है, उत्तरी यूरोप का देश डेनमार्क बिल्कुल अलग अंदाज में इस जश्न को मनाता है. यहां लोग 31 दिसंबर की रात को अपने पड़ोसियों और दोस्तों के दरवाजों के बाहर पुरानी प्लेटों और चम्मचों को फेंकने की परंपरा निभाते हैं. यह सुनने में अजीब जरूर लग सकता है, लेकिन इसका अर्थ है शुभकामनाएं और सौभाग्य.
टूटी हुई प्लेटें हैं सौभाग्य का प्रतीक
डेनमार्क के लोग मानते हैं कि नए साल की सुबह जब वे अपने दरवाजे पर टूटे बर्तनों का ढेर देखते हैं, तो यह आने वाले समय में खुशियों, प्रेम और सफलता का प्रतीक होता है. जितने ज्यादा बर्तन टूटे मिलते हैं, उतना ही अधिक शुभ संकेत माना जाता है. ऐसा कहा जाता है कि यह परंपरा पुराने साल के नकारात्मक प्रभावों को खत्म करके एक नए, शुभ वर्ष का आरंभ करती है.
प्यार और दोस्ती की बुनियाद है यह रिवाज
इस परंपरा का एक और उद्देश्य होता है अपने करीबी रिश्तों को मजबूत करना. जिनके दरवाजों के बाहर ज्यादा बर्तन टूटे मिलते हैं, इसका मतलब है कि उनके ज्यादा दोस्त और शुभचिंतक हैं. यह परंपरा दोस्तों और पड़ोसियों के प्रति स्नेह और आभार व्यक्त करने का अनोखा तरीका है. डेनमार्क के लोग इसे नई ऊर्जा और सामाजिक संबंधों के लिए शुभ मानते हैं.
क्यों चुनते हैं पुराने बर्तन?
पुराने बर्तनों का इस्तेमाल इस परंपरा में इसलिए किया जाता है ताकि न केवल चीजों का पुनः उपयोग हो, बल्कि इसे प्रतीकात्मक रूप से पुराने साल की चीजों को छोड़ने का माध्यम भी माना जाए. यह साल भर की नकारात्मकता, बुरी यादों और संघर्षों को पीछे छोड़ने और आशावादी सोच के साथ आगे बढ़ने का संकेत है.
परंपरा के साथ बनती है नए साल की यादें
इस उत्सव का माहौल सिर्फ परंपरा तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि यह हंसी-मजाक, उत्साह और मेलजोल का भी अवसर बन जाता है. लोग इस अनोखे रीति-रिवाज को एक खेल की तरह लेते हैं और रातभर तोड़फोड़ के इस सिलसिले का आनंद उठाते हैं. दरवाजों पर टूटे हुए बर्तनों के ढेर के साथ डेनमार्क के लोग नए साल की शुरुआत स्नेह और शुभकामनाओं से करते हैं, जो दुनिया को दिखाता है कि खुशियों को साझा करने का हर तरीका विशेष हो सकता है.
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