रायपुर. जमीन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण दस्तावेज का नाम ऋण पुस्तिका है. सामाजिक परिवेश में ऋण शब्द सम्मानजनक नहीं माना जाता है. इसलिए अब ऋण पुस्तिका की जगह दूसरे शब्द की तलाश की जा रही है. पुस्तिका की जगह पर सुझाएं दूसरा शब्द, उचित शब्द सुझाने वाले को एक लाख रुपये दिए जाएंगे. इसका ऐलान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खुद किया है.
दरअसल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के तहत सोमवार को भाटापारा पहुंचे हैं. यहीं पर उन्होंने ऋण पुस्तिका की जगह दूसरा शब्द सुझाने वाले को एक लाख रुपये देने का ऐलान किया है. छत्तीसगढ़ सरकार के जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल खेती किसानी से जुड़े शब्दों पर कितने संवेदनशील हैं और हर शब्द की बारीकी पर कितना ध्यान देते हैं. इसकी झलक तब मिली जब उन्होंने मौजूद ग्रामीणों से ही कहा कि आप इसके लिए अच्छा सा सुझाव दें. उपयुक्त सुझाव पर एक लाख रुपये की राशि दी जाएगी.
जनसंपर्क विभाग की विज्ञप्ति में कहा गया है कि शब्द बहुत जादुई होते हैं और लोगों की भावनाओं से जुड़े रहते हैं. ये उनके स्वाभिमान से भी जुड़े रहते हैं. ऐसे प्रदेश में जहां मुख्यमंत्री ने शपथ ग्रहण के बाद किसानों की कर्जमाफी की घोषणा की.
ऋण पुस्तिका शब्द की जगह दूसरे शब्द का खोजा जाना किसान स्वाभिमान से जुड़ी बात है. भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान भाटापारा के कडार में बेरोजगारी भत्ता योजना का लाभ ले रही ममता ने मुख्यमंत्री को बताया कि उसने अभी स्नातक तक की शिक्षा प्राप्त की है. अभी 2500 रुपये रुपए मिला है. ममता ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया कि आप बेरोजगारी भत्ता की राशि बढ़ा दीजिए, जिसका जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा हमारा उद्देश्य सबको रोजगार देना है.
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