बीजापुर. छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सल मामलों के चर्चित पत्रकार और यूट्यूबर मुकेश चंद्राकर की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. मुख्य आरोपी रितेश चंद्राकर को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया है. साथ ही, इस जघन्य हत्याकांड में शामिल अन्य तीन आरोपियों को भी छत्तीसगढ़ पुलिस ने हिरासत में लिया है. बीजापुर पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव के नेतृत्व में गठित विशेष जांच टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यह गिरफ्तारी की.
सेप्टिक टैंक से मिला शव, नृशंस हत्या का मामला
मुकेश चंद्राकर 1 जनवरी से लापता थे. दो दिन बाद 3 जनवरी को ठेकेदार और छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के महासचिव सुरेश चंद्राकर के चट्टान पारा स्थित कंस्ट्रक्शन कंपनी परिसर के सेप्टिक टैंक से उनका शव बरामद हुआ. शव को निकालने में तीन घंटे का समय लगा. पुलिस के अनुसार, मुकेश के सिर और शरीर पर 8-10 गंभीर चोट के निशान थे, जो यह दर्शाते हैं कि उनकी हत्या योजनाबद्ध तरीके से की गई थी. हत्या के बाद सबूत छिपाने के लिए शव को सेप्टिक टैंक में डालकर ऊपर फ्लोरिंग कर दी गई थी.
हत्या के पीछे राजनीतिक और व्यक्तिगत विवाद
इस मामले में पुलिस की जांच से यह बात सामने आई है कि मृतक मुकेश चंद्राकर और मुख्य संदिग्ध सुरेश चंद्राकर आपस में रिश्तेदार थे. हाल ही में मुकेश ने सुरेश की गंगालूर रोड निर्माण परियोजना में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया था. इसके बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी थी, जिससे सुरेश नाराज थे. इसी विवाद को हत्या का मुख्य कारण माना जा रहा है.
बस्तर में गुस्सा, नेशनल हाईवे पर चक्काजाम
मुकेश चंद्राकर की हत्या के विरोध में बस्तर के पत्रकारों ने नेशनल हाईवे पर चक्काजाम किया. प्रदर्शनकारी पत्रकारों की मांग है कि हत्या में शामिल सभी आरोपियों को फांसी की सजा दी जाए और मुकेश को शहीद का दर्जा दिया जाए. इसके अतिरिक्त, ठेकेदार सुरेश चंद्राकर की सभी संपत्तियों को सरकारी संपत्ति घोषित करने, सुरेश की सुरक्षा में लगाए गए जवानों को हटाने, उसके सभी टेंडर रद्द करने, बैंक खाते और पासपोर्ट सील करने की भी मांग की जा रही है.
प्रदर्शन के चलते नेशनल हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई. मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो 5 जनवरी से अनिश्चितकालीन चक्काजाम किया जाएगा.
मुकेश का परिवार और पत्रकार जगत स्तब्ध
मुकेश चंद्राकर के बड़े भाई युकेश चंद्राकर ने बताया कि मुकेश को नए साल की रात उनके घर से कुछ लोग बुलाकर ले गए थे. इसके बाद वह लापता हो गए और उनका फोन बंद आ रहा था. परिवार ने हत्या का आरोप ठेकेदार सुरेश चंद्राकर पर लगाया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी घटना को दु:खद और समाज तथा पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया. उन्होंने आश्वासन दिया है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी.
छापेमारी व तलाशी जारी
बीजापुर पुलिस ने मामले में सुरेश के छोटे भाई रितेश चंद्राकर को दिल्ली से गिरफ्तार किया है. हत्या के अन्य संदिग्ध सुरेश चंद्राकर अभी फरार हैं. सुरेश की थार गाड़ी हैदराबाद में बरामद की गई है. पुलिस सुरेश की तलाश में छापेमारी कर रही है.
संवेदनशील क्षेत्र में काम करने वाले समर्पित पत्रकार
मुकेश चंद्राकर न केवल नक्सल मामलों की गहन कवरेज के लिए प्रसिद्ध थे, बल्कि उन्होंने सीआरपीएफ जवान राकेश्वर मन्हास की रिहाई में भी मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी. उनके निधन से पत्रकारिता जगत ने एक साहसी और निडर आवाज खो दी है.
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