कोरबा. छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बांगो थाना क्षेत्र के अंतर्गत मदनपुर घाटी के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें तेज रफ्तार कार खाई में गिरने से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई.
हादसे में मृतकों की पहचान 35 वर्षीय गणेश प्रजापति और 35 वर्षीय रुद्रेश्वर गोड के रूप में हुई, जो एसईसीएल (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के कर्मी थे. दुर्घटना में दो अन्य लोग, बिहारी प्रजापति और श्यामलाल प्रजापति गंभीर रूप से घायल हो गए. इनमें से श्यामलाल की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है.
पुलिस ने रेस्क्यू में झोंकी ताकत
घटना की सूचना मिलते ही बांगो थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और वाहन में फंसे शवों को निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया. खाई गहरी होने के कारण बचाव कार्य में दिक्कतें आईं. पुलिस का कहना है कि सभी पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाने की पूरी कोशिश की गई. मृतकों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है, और घायलों का इलाज पास के अस्पताल में चल रहा है. घटना के सही कारणों की जांच जारी है, लेकिन शुरुआती जानकारी के अनुसार तेज रफ्तार और सड़क के खराब हालात को हादसे की वजह माना जा रहा है.
सड़क सुरक्षा में लापरवाही पड़ रही भारी
यह हादसा सड़क सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े करता है. विशेषज्ञों के अनुसार, तेज रफ्तार और अनियंत्रित वाहन चलाना कई दुर्घटनाओं का कारण बनता है. विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में वाहन चालकों को और अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता होती है. मदनपुर घाटी जैसी घुमावदार और ऊंचाई वाली सड़कों पर सावधानी न बरतना घातक साबित हो सकता है. वाहन चालकों को गति नियंत्रण रखने, सड़क के संकेतों का पालन करने, और खतरनाक मोड़ पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है.
परिवारों पर टूटा दुख का पहाड़
इस घटना ने मृतकों के परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया है. गणेश प्रजापति और रुद्रेश्वर गोड दोनों एसईसीएल में कार्यरत थे और अपने परिवार के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक आधार थे. उनके असमय निधन से न केवल उनके परिवारों, बल्कि उनके सहकर्मियों के बीच भी गहरा शोक है.
सड़क हादसों को रोकने के उपाय जरूरी
भारत में हर साल लाखों लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा देते हैं. ऐसे हादसों को रोकने के लिए वाहन चालकों के साथ-साथ प्रशासन को भी गंभीर कदम उठाने की आवश्यकता है. नियमित सड़क मरम्मत, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड, और सख्त यातायात नियमों को लागू करना महत्वपूर्ण है. वहीं, वाहन चालकों को नशे में वाहन न चलाने, ओवरलोडिंग से बचने और वाहन की समय-समय पर सर्विसिंग कराने जैसे सावधानीपूर्ण कदम उठाने चाहिए. यदि हम जिम्मेदारी से वाहन चलाएं और जागरूकता बढ़ाएं, तो सड़क हादसों में कमी आ सकती है.
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