रायपुर. छत्तीसगढ़ के भिलाई से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की जमानत याचिका को बिलासपुर उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है. न्यायमूर्ति एन.के. व्यास की अदालत ने 17 दिसंबर को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निर्णय सुरक्षित रखा था, जिसे आज सुनाया गया.
देवेंद्र यादव को 17 अगस्त 2024 को बलौदाबाजार जिले में हुई आगजनी और हिंसा के मामले में गिरफ्तार किया गया था. उन पर आरोप है कि उन्होंने भीड़ को उकसाया, जिससे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा और शासकीय कर्मचारियों के साथ मारपीट की घटनाएं हुईं. पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 333, 307, 336 सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.
इस मामले में पुलिस ने 449 पृष्ठों का विस्तृत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया है, जिसमें घटना से जुड़ी सभी अहम जानकारी और साक्ष्य शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि आरोपी ने न केवल हिंसा को उकसाया, बल्कि इसके परिणामस्वरूप कई लोगों की जान-माल की हानि भी हुई.
विधायक देवेंद्र यादव की जमानत याचिका पर उच्च न्यायालय में कई बार सुनवाई हुई, लेकिन हर बार तारीख आगे बढ़ती रही. अंततः 17 दिसंबर को सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने निर्णय सुरक्षित रखा था, जिसे आज खारिज कर दिया गया.
इस निर्णय के बाद देवेंद्र यादव को जेल में ही रहना होगा. उनके वकील ने कहा है कि वे उच्चतम न्यायालय में अपील करने पर विचार कर रहे हैं. इस बीच, बलौदाबाजार हिंसा मामले की जांच जारी है, और पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है.
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